JDU से निकाले जाने के बाद सीएम नीतीश ने श्याम रजक को अब मंत्री पद से किया बर्खास्त


बिहार के उद्योग मंत्री और फुलवारीशरीफ के जदयू विधायक श्याम रजक को पार्टी से निकाल दिया गया है। प्रदेश जदयू अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह ने दल-विरोधी गतिविधयों के कारण पार्टी उनको प्राथमिक सदस्यता से निलंबित करते हुए जदयू से बाहर का रास्ता दिखाया  है। रविवार शाम बशिष्ठ नारायण सिंह ने खुद श्याम रजक को दल से निष्कासित किये जाने की जानकारी ‘हिन्दुस्तान’ को दी। इस बाबत उन्होंने और कुछ भी कहने से इनकार किया। पार्टी से निकाले जाने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने श्याम रजक को मंत्रिमंडल से भी बर्खास्त कर दिया है। सीएम नीतीश ने बर्खास्तगी की सिफारिश राज्यपाल से कर दी, जिसे राज्यपाल ने मंजूर कर लिया। 

गौरतलब हो कि रविवार को ही श्याम रजक द्वारा राजद का दामन थामने की सूचना आयीं। खुद रजक की ओर से भी इसकी पुष्टि करते हुए जदयू से इस्तीफा देकर सोमवार को राजद ज्वॉइन करने की बात सामने आयी। इसे देखते हुए जदयू ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया। जदयू ने उन्हें राष्ट्रीय संगठन में महासचिव के रूप में जगह दी थी। राजद छोड़कर जदयू में आने पर दल ने उन्हें जमुई से लोकसभा 2009 का चुनाव लड़ाया, हालांकि उन्हें शिकस्त मिली। 

सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार श्याम रजक शनिवार को स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने अपने निर्वाचन क्षेत्र फुलवारीशरीफ गये थे। वहां अपने कुछ भरोसेमंद समर्थकों से मंत्रणा के बाद जब वे लौटे तो उन्होंने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव से बातचीत की। इस बातचीत के साथ ही राजद में उनके शामिल होने की पृष्ठभूमि तैयार हो गयी। 

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श्याम रजक पहले राजद में ही थे। उस समय उनकी गिनती लालू प्रसाद के सबसे करीबी नेताओं में होती थी। रामकृपाल यादव भी तब राजद में थे और लालू प्रसाद के काफी करीब थे। लिहाजा राजद में राम-श्याम की जोड़ी की चर्चा हर जगह होती थी, लेकिन श्याम रजक अचानक जदयू में चले गए। अब फिर बताया जा रहा है कि जदयू में रजक सहज नहीं महसूस कर रहे हैं। लिहाजा उनके राजद में जाने की अटकलें तेज हो गई हैं। 

उधर श्याम रजक ने इस संबंध में पूछे जाने पर साफ कहा कि मैं आपकी इस सूचना का ना तो समर्थन कर सकता हूं और ना ही खंडन। उनके इस जवाब में भी कहीं ना कहीं नाराजगी दिख रही है। राजनीतिक हलकों में चर्चा को सही मानें तो उद्योग मंत्री एक-दो दिन में ही पुराने घर में लौट सकते हैं। 

रजक एनडीए सरकार में दूसरी बार मंत्री बने हैं। पहली बार राजद से 1995 में विधायक बने थे। अब तक वह छह बार विधानसभा का चुनाव जीत चुके हैं। जबसे संसदीय राजनीति में उन्होंने कदम रखा है बहुत कम दिन मंत्री पद से अलग रहे हैं। 





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