Jet airways को मिला नया मालिक, रनवे पर फिर लौटेगी जेट- हजारों को देगी रोजगार


जेट एयरवेज एक बार फिर आसमान में उड़ने को तैयार है। दरअसल, भारी कर्ज में डूबी जेट को नया मालिक मिल गया है। जेट को कर्ज देने वाली कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स ने लंदन की एसेट मैनेजमेंट कंपनी कालरॉक कैपिटल और संयुक्त अरब अमीरात के निवेशक मुरारी लाल जालान को नए निवेशक के रूप में चुना है। इसके साथ ही लंबे समय से चला आ रहा जेट के भविष्य पर छाया अंधेरा छट गया है। जेट को फिर से उड़ने के ऐलान से विमानन उद्योग में रोजगार के बड़ी संख्या में नए अवसर पैदा होंगे क्योंकि हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन होंगे। गौरतलब है कि बंद होते समय जेट में 9000 लोग कार्यरत थे जो अब करीब 4500 कर्मी ही बच गए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि जेट को फिर से उड़ान सेवा शुरू करने के लिए बड़ी संख्या में नई नियुक्तियां करनी होगी। यह कोरोना के बाद सुस्त पड़े जॉब मार्केट में तेजी लाने का काम करेगा। जेट देश के साथ विदेश में उड़ान सेवा का संचालन करेगी तो नियुक्तियां हर स्तर पर की जाएंगी। जेट एयरवेज के रिजोल्यूशन प्रोफेशनल ने शेयर बाजार को दी गई जानकारी में बताया कि इस प्रस्ताव पर ई-वोटिंग हुई जिसके बाद इसे मंजूरी दी गई। गौरतबल है कि बंद हो चुकी विमानन कंपनी को दो समूहों से प्रस्ताव मिले थे।

 

साल 2019 में ये हुआ जेट के साथ

-अप्रैल महीने में वित्तीय संकट गहराने के बाद जेट ने उड़ान बंद किया था

-जून में एसबीआई की अगुवाई में बैंकों ने जेट एयरवेट को एनसीएलटी में ले गए

-सितंबर में सिनर्जी ग्रुप ने बोली लगाने की कोशिश लेकिन सफल नहीं हो पाया
साल-2020
-जनवरी में रिजोल्यूशन प्रोफेशनल ने जेट के लिए नई बोली मांगी

-फरवरी में तीन कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई लेकिन सफल नहीं हुए
-मार्च में रिजोल्यूशन प्रोफेशनल ने तीन माह के लिए बोली बढ़ाने का अनुरोध किया

-अप्रैल में अगस्त 21 तक बोली लगाने की मंजूरी मिली
-जुलाई में दो बोली लगाने वाले ने रिजोल्यूशन प्लान पेश किया

-17 अक्तूबर को ई-वोटिंग के जरिये रिजोल्यूशन प्लान को मंजूरी दी गई

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इन पांच फैसलों ने जेट को अर्श से फर्श पर ला दिया

– 2006 में खस्ताहाल एयर सहारा को 50 करोड़ डॉलर की रकम नगद देकर खरीदना
– जेट को इंडिगो, स्पाइसजेट और गो एयर जैसी सस्ती एयरलाइनों की चुनौती झेलनी पड़ी

– नरेश गोयल की प्रबंधन शैली पर आरोप कि वह सारे फैसले खुद लेते थे
– महंगा हवाई ईंधन और कमजोर रुपये ने नुकसान पहुंचाया

– जेट एयरवेज एक रणनीतिक निवेशक ढूंढने में भी नाकाम रहा जो एयरलाइन में पैसा डालता रहे
 

ऐसे की कारोबार की शुरुआत

– 1993 में चार बोइंग 737 विमानों के साथ पहली बार उड़ान सेवा शुरू की थी जेट

– 2012 के आते-आते देश की सबसे बड़ी निजी विमानन कंपनी बन गई

– 112 विमान थे जेट के पास 17 अप्रैल, 2019 में जब उड़ान सेवा बंद हुई थी

हजारों में नई भर्तिया होंगी

जेट के फिर से उड़ान भरने से विमानन क्षेत्र में हजारों नई भर्तिया होने का रास्ता साफ हो गया है। जब जेट बंद हुई थी तो उसके पास 9000 कर्मचारी थे जिसमें से 3700 से अधिक ग्राउंट स्टाफ, 2000 फ्लाइट सेवा, 1500 इंजीनियरिंग विभाग, 1000 फ्लाइट ऑपरेशंस और 500 कॉरपोरट ऑफिस में कार्यरत थे। बंद होने के बाद आधे से अधिक कर्मी जेट को छोड़कर दूसरी कंपनी से जुड़ चुके हैं। मौजूदा समय में जेट के साथ करीब 4000 कर्मी ही जुड़े हैं। ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि जेट को उड़ान भरने से पहले हजारों की संख्या में नई नियुक्तियां करनी होगी।

इन क्षेत्रों में नई भर्तियां होंगी

विशेषज्ञों का कहना है कि जेट की उड़ान भरने की तैयारी से पायलट, केबिन क्रू, इंजीनियरिंग स्टाफ, ग्राउंड हैंडलिंग, एयरपोर्ट स्टाफ, बुकिंग एजेंसी, कार्गो हैंडलिंग जैसे अनेक डिपार्टमेंट में फिर से हायरिंग होगी। इसके साथ ही दूसरी विमानन कंपनियां भी भारत का रुख करने की तैयारी में है। ऐसे में भारतीय विमानन क्षेत्र एक बड़ा अवसर लेकर आने वाला है।

संजय मंडाविया शुरू करेंगे बजट एयरलाइंस

जेट एयरवेज के पुराने कर्मचारी संजय मंडाविया की कंपनी फ्लाइट सिमुलेशन टेक्नीक सेंटर के कंसोर्टियम ने जेट एयरेवेज के खरीदने के लिए 770 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी। हालांकि, उनको सफला नहीं मिल पाई। इसके बाद संजय मंडाविया ने अपना बजट एयरलाइंस शुरू करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि जेट के लिए बोली लगाने में असफल होने के बाद अब वह अपनी बजट एयरलाइंस शुरू करने पर पूरा फोकस करेंगे।

विमानन क्षेत्र में अवसर तेजी से बढ़ेंगे

एयरलाइंस विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना के बाद घरेलू उड़ान शुरू होने के दो माह के भीतर यात्रियों की संख्या पहले के स्तर पर पहुंच गई है। यह भारतीय विमानन क्षेत्र की ताकत को बताता है। इसके साथ ही सरकार रीजनल फ्लाइट को बढ़ावा दे रही है। छोटे शहरों को उड़ान योजना के तहत हवाई सेवा से जोड़ा रहा है। इसका फायदा विमान के साथ इस क्षेत्र में रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं को भी होगा। आने वाले समय में इस क्षेत्र में 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

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