Reliance Industries set aside separate plan for Oil to Chemical business, to separate the two businesses; Read the complete plan of the company | रिलायंस इंडस्ट्रीज ने ऑयल टू केमिकल कारोबार के लिए बनाई अलग योजना, दोनों कारोबार को अलग करेगी; पढ़िए कंपनी की पूरी योजना


  • Hindi News
  • Business
  • Reliance Industries Set Aside Separate Plan For Oil To Chemical Business, To Separate The Two Businesses; Read The Complete Plan Of The Company

नई दिल्ली5 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

कंपनी का ऑयल टू केमिकल बिजनेस को अलग कर नई यूनिट रिलायंस ओटूसी लिमिटेड में तब्दील करने वाली है।

  • ऑयल टू केमिकल असेट्स में शामिल रिफाइनिंग, पेट्रोकेमिकल, रिटेल फ्यूल और बल्क होलसेल मार्केटिंग कारोबार को शामिल किया जाएगा
  • ऑयल बिक्री में सुस्ती को देखते हुए नई यूनिट रिलायंस ओटूसी लिमिटेड को मंजूरी मिली थी

रिलायंस इंडस्ट्रीज अपने ऑयल टू केमिकल के कारोबार को अलग यूनिट में तब्दील करने की योजना का विस्तार किया है। इसकी घोषणा छह महीने पहले अप्रैल में किया गया था। दरअसल कंपनी ऑयल टू केमिकल बिजनेस को अलग कर नई यूनिट रिलायंस ओटूसी लिमिटेड में तब्दील करने वाली है।

रिलायंस ओटूसी लिमिटेड

कंपनी ऑयल टू केमिकल असेट्स में शामिल रिफाइनिंग, पेट्रोकेमिकल, रिटेल फ्यूल और बल्क होलसेल मार्केटिंग कारोबार के साथ साथ इनके असेट्स और देनदारियों को एक नई यूनिट में ट्रांसफर करेगी। इससे पहले कंपनी ने अप्रैल में ही ऑयल एंड केमिकल (ओटूसी) कारोबार को रिलायंस ओटूसी लिमिटेड नाम की नई यूनिट में ट्रांसफर करने की योजना को मंजूरी दे दी थी।

6 सितंबर को कंपनी ने स्पष्ट किया कि, ऑयल टू केमिकल कारोबार में रिलायंस एथेन होल्डिंग लिमिटेड, रिलायंस गैस पाइपलाइन लिमिटेड, गुजरात केमिकल पोर्ट लिमिटेड, रिलायंस कॉरपोरेट आईटी पार्क लिमिटेड, रिलायंस इंडस्ट्रियल इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड सहित अन्य शामिल के असेट्स को रिलायंस ओटूसी लिमिटेड में शामिल नहीं किया जाएगा। कंपनी ने बिक्री में सुस्ती को देखते हुए नई यूनिट रिलायंस ओटूसी लिमिटेड को मंजूरी मिली थी।

सऊदी अरामको के साथ डील

दरअसल रिलायंस इंडस्ट्रीज अपने रिफाइनिंग और केमिकल कारोबार में 20 फीसदी हिस्सेदारी बेचने वाली है। सऊदी अरब की सरकारी ऑयल कंपनी सऊदी अरामको से इससे संबंधित डील पर बात भी चल रही है। कंपनी इस डील से करीब 1.09 लाख करोड़ की रकम जुटाएगी। हालाँकि, डील में देरी हुई है। इससे पहले रिलायंस इंडस्ट्रीज ने ब्रिटेन मूल की कंपनी ब्रिटिश पेट्रोलियम (बीपी) को फ्यूल रिटेल वेंचर में 49 फीसदी हिस्सेदारी बेची थी।

कंपनी ने अपने आधिकारिक वेबसाइट्स पर जारी एक दस्तावेज में कहा है कि ऑयल एंड केमिकल कारोबार में स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टर अन्य विकल्पों की तलाश कर रहे हैं।

0



Source link

Be the first to comment

Leave a Reply