service PMI jumped from 34 point 2 in July to 41 point 8 in August | सर्विस सेक्टर का इंडेक्स जुलाई के 34.2 से उछलकर अगस्त में 41.8 पर आया, फिर भी लगातार छठे महीने गिरावट के दायरे में रहा


नई दिल्ली18 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

समूचा प्राइवेट सेक्टर भी गिरावट के दायरे में, कंपोजिट पीएमआई इंडेक्स 37.2 से सुधरकर 46 पर पहुंचा

  • अगस्त की पीएमआई रीडिंग गिरावट के दायरे में होने के बावजूद मार्च के बाद सबसे ऊपरी स्तर पर
  • पूरी क्षमता से काम नहीं कर पाने के कारण कंपनियों ने लगातार छठे महीने कर्मचारियों की छंटनी की

देश के सर्विस सेक्टर की हालत अगस्त में जुलाई के मुकाबले थोड़ी सुधरी, लेकिन इस सेकटर में अब भी गिरावट चल रही है क्योंकि कोरानावायरस लॉकडाउन के कारण मांग और कारोबारी परिचालन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। यह बात गुरुवार को जारी एक मासिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में कही गई है। सर्विसेज बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स जुलाई के 34.2 से उछलकर अगस्त 2020 में 41.8 पर पहुंच गया।

अगस्त की रीडिंग मार्च के बाद सबसे ऊपरी स्तर पर है। मार्च के बाद ही देश में कोरोनावायरस महामारी ने पांव पसारना शुरू किया था। अगस्त में थोड़ी सुधार के बाद भी सर्विस सेक्टर का इंडेक्स लगातार छठे महीने गिरावट के दायरे में बना हुआ है।

50 से नीचे गिरावट और ऊपर विकास का संकेत

आईएचएस मार्किट इंडिया सर्विसेज पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) के मुताबिक इंडेक्स जब 50 से नीचे रहता है, तो माना जाता है कि संबंधित सेक्टर गिरावट के दायरे में है। इसके 50 के ऊपर रहने का मतलब यह होता है कि संबंधित सेक्टर में विकास हो रहा है। आईएचएस मार्किट की अर्थशास्त्री श्रीया पटेल ने कहा कि देश और विदेश में जारी लॉकडाउन का सर्विस सेक्टर पर बहुत बुरा असर पड़ा है।

15 साल के इतिहास में सबसे बड़े पैमाने पर परियोजनाएं अवरुद्ध हुईं

पटेल ने कहा कि उत्पादन और नए ठेके में भारी गिरावट दर्ज की गई। कई कंपनियां परियोजनाओं को पूरा नहीं कर पाई हैं। डाटा कलेक्शन के पिछले 15 साल के इतिहास में सबसे बड़े पैमाने पर परियोजनाएं अवरुद्ध हुई हैं।

मार्च के बाद कर्मचारियों की सबसे कम छंटनी

पूरी क्षमता से काम नहीं कर पाने के कारण कंपनियों ने लगातार छठे महीने कर्मचारियों की छंटनी की। आमदनी घटने और लागत बढ़ने की वजह से कंपनियों ने मार्च के बाद पहली बार अपनी सेवाओं की कीमत बढ़ाई। पटेल ने हालांकि कहा कि सर्विस सेक्टर में रिकवरी के संकेत दिख रहे हैं। कारोबारी माहॉल न्यूट्रल हो गया है, जबकि इससे पहले के तीन महीने में यह नकारात्मक जोन में था। साथ ही कर्मचारियों की छंटनी मार्च के बाद सबसे कम हुई है।

मैन्यूफैक्चरिंग पीएमआई अगस्त में 52 पर पहुंचा

इस बीच सेवा और मैन्यूफैक्चरिंग दोनों की हालत बताने वाला कंपोजिट पीएमआई आउटपुट इंडेक्स जुलाई के 37.2 से उछलकर अगस्त में 46 पर आ गया। यह लगातार पांचवें महीने गिरावट के दायरे में बना हुआ है। मंगलवार को जारी आईएचएस मार्किट इंडिया मैन्यूफैक्चरिंग पीएमआई अगस्त में 52 पर पहुंच गया, जो जुलाई में 46 पर था। इसका मतलब यह हुआ कि मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर विकास के दायरे में आ गया है।

देश का वित्तीय घाटा इस कारोबारी साल में जीडीपी के 8% से ऊपर जाने की आशंका

0



Source link

Be the first to comment

Leave a Reply