Two friends of Jaipur started unaccounted company of Rs11,000 crore 5 years ago, number six in online education in the world | जयपुर के दो दोस्तों ने 5 साल पहले शुरू की अनएकेडमी ‌11 हजार करोड़ रूपए की कंपनी बनी, दुनिया में ऑनलाइन एजुकेशन में छठे नंबर पर


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जयपुर24 मिनट पहले

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  • दूसरों की जिंदगी गढ़ने के लिए गौरव ने एमएनसी-रोमन ने आईएएस की नौकरी छोड़ी
  • अनएकेडमी पर 35 प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी 18 हजार एजुकेटर कराते हैं

यह कहानी जयपुर के रहने वाले दो दोस्तों गौरव मुंजाल और रोमन सैनी की है। दूसरों की जिंदगी गढ़ने की इनकी जिद और जुनून ने 5 साल पहले शुरू की गई इनकी कंपनी अनएकेडमी को देश की 200 कंपनियों के क्लब में शामिल करवा दिया। अनएकेडमी आज ऑनलाइन एजुकेशन के प्लेटफार्म पर दुनिया की छठे पायदान पर है। कंपनी की वर्तमान वैल्यूएशन 11 हजार करोड़ (1.45 बिलियन डॉलर) है।

कंपनी की शुरुआत करने वाले गौरव मुंजाल ने कम्प्यूटर इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लाखों के पैकेज की नौकरी छोड़ी। उनके पिता डॉ. ईश मुंजाल शहर के प्रख्यात डॉक्टर हैं। वहीं, रोमन सैनी ने आईएएस की सेवा में चयनित होने के 6 महीने बाद ही इस्तीफा दे दिया।

गौरव मुंजाल ने यू-ट्यूब पर काॅलेज के दौरान इसकी शुरुआत की

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ने देशभर के स्टार्टअप को बुलाया और उसमें से गौरव और रोमन भी एक थे। गौरव मुंजाल ने यू-ट्यूब पर काॅलेज के दौरान इसकी शुरुआत की। फिर अपने दोस्त आईएएस रोमन सैनी को 2015 में इसे आगे बढ़ाने के लिए साथ आने को कहा। रोमन ने नौकरी छोड़ी और गौरव के साथ आ गए।

35 प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी 18 हजार एजुकेटर कराते हैं

यू-ट्यूब और ऐप पर अनएकेडमी सबसे ज्यादा देखा जाता है। 35 प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी 18 हजार एजुकेटर कराते हैं। अनएकेडमी वाईफाई, प्रेप लेडर, कोड शेफ, मास्टरी जैसी कंपनी एक्वॉयर कर चुकी है। यही नहीं सॉफ्ट बैंक, सिकोवा, फेसबुक, जनरल एटलांटा आदि कंपनियों ने अनएकेडमी में पैसा लगाया। अनएकेडमी के 3.5 लाख से ज्यादा सबस्क्राइबर हैं। अनएकेडमी आईपीएल की भी ऑफिशियल पार्टनर है।

11वीं में गौरव स्कूल टीम में शामिल नहीं हो पाया तो मैगजीन का ई एक्स-रे बना दिया था: डॉ. ईश
गौरव के पैरेंट्स सीमा मुंजाल और डॉ. ईश मुंजाल गौरव के खुद पर भरोसे का किस्सा बताते हैं- गौरव की पढ़ाई लिखाई सेंट जैवियर्स से हुई है। 11वीं में गौरव को स्कूल मैग्जीन टीम में शामिल नहीं किया गया। उसने प्रिंसिपल से बात की लेकिन बात बनी नहीं। इस पर गौरव ने मैगजीन का ऑनलाइन कर ई एक्स-रे बना डाला।

मां सीमा मुंजाल बताती हैं कि असफलता की बात पर गौरव सिर्फ मुस्कुरा देता था। वहीं, रोमन के पैरेंट्स अनीता और राम अवतार सैनी बताते हैं कि रोमन ने 12वीं के बाद एम्स से एमबीबीएस की फिर आईएएस बना। नौकरी छोड़ गौरव के साथ उसने अनएकेडमी शुरू की।

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